बाबा साहेब अम्बेडकर का अपमान करोड़ों आदिवासियों का अपमान है - संत सरवन दास, संत सतविंदर हीरा
होशियारपुर/दलजीत अजनोहा
संत सरवन दास सलेमटावरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि धर्म साधु समाज, संत सतविंदर हीरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय आदि धर्म मिशन (रजि.), भारत ने कहा कि विदेश में बैठकर भारत देश की एकता, अखंडता और भाईचारे का विरोधी तथाकथित खालिस्तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ की गई भद्दी टिप्पणियों के साथ जहां बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान किया है, वहीं इस जघन्य कृत्य से देश के करोड़ों आदिवासियों और बहुजनों का सामाजिक अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केवल अनुसूचित जाति या किसी एक समुदाय के नेता नहीं हैं, बल्कि वे पूरे भारत के लोगों के लोकप्रिय नेता हैं। भारत की धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और व्यापारिक व्यवस्थाएं बाबा साहब द्वारा लिखे गए संविधान के आधार पर चलती हैं। आदिवासी बहुजन समाज किसी भी विभाजनकारी एवं शरारती तत्व द्वारा बाबा साहब के खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे शरारती तत्व देश में बड़े पैमाने पर भेदभाव, और जातिवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने संगत से अपील की कि वह आपसी प्रेम, एकता और भाईचारा बनाए रखें तथा ऐसी विभाजनकारी हरकतें करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दें। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर को न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में सबसे अधिक शिक्षित व्यक्ति होने का गौरव प्राप्त है, यही कारण है कि उन्हें भारत सरकार द्वारा भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि पन्नू जैसे शरारती तत्व समाज में जहर और नफरत फैलाते हैं और देश को बांटने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने करोड़ों आदिवासियों और बहुजनों को संवैधानिक अधिकार दिए, जिसकी बदौलत आज समाज में पढ़े-लिखे लोग राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और अच्छी सरकारी नौकरियों में विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने संविधान में बिना किसी पक्षपात या भेदभाव के हर वर्ग को समान अधिकार दिए हैं। जिस महिला को दीन और असहाय कहा जाता था, उसे समानता का अधिकार देकर उन्होंने मुकुट पहनाया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे भारत व पंजाब की शांति व सद्भावना को जलाने वाले इन विभाजनकारी लोगों का डटकर विरोध करें तथा आपसी प्रेम, एकता व भाईचारा बनाए रखें। उन्होंने सरकारों से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी अपील की।
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